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बार-बार छींक आने के हो सकते हैं ये 4 कारण, जानें छींक रोकने के आसान उपाय
Frequent Sneezing: अगर आपको बार-बार छींक आती है, तो इसके पीछे के कारणों को जानने के लिठइस लेख को पूरा पढ़ें-
Frequent Sneezing Causes in Hindi: कà¥à¤¯à¤¾ आपको बार-बार छींक (Frequent Sneezing) आती है? वैसे तो छींक आना à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। छींक किसी à¤à¥€ समय आ सकती है। अधिकतर लोगों को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के दौरान छींक आती है, तो कà¥à¤› लोगों को सामानà¥à¤¯ दिनों में à¤à¥€ बार-बार छींक आती रहती है। यह किसी समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण हो सकता है। बार-बार छींक आना बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ नहीं होता है। बार-बार छींक आना किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है, इसलिठआपको इसे बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤ बार-बार छींक आना चिंताजनक हो सकता है, आपको इसके कारणों के बारे में जरूर पता होना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤°Â हरीश चाफले से जानें बार बार छींक आने के कारण...
बार बार छींक आने का कारण (Frequent Sneezing Causes)
गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², मà¥à¤‚बई के सीनियर कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ à¤à¤‚ड कà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤•ल केयर डॉकà¥à¤Ÿà¤° हरीश चाफले (Dr. Harish Chafle, Senior Consultant - Pulmonology and Critical Care at Global Hospital, Mumbai) बताते हैं कि छींक आना à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है, जिसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर गले और नाक में मौजूद उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकाल देता है। छींक बिना किसी चेतावनी के अचानक ही आती है। जब à¤à¥€ धूल, धà¥à¤†à¤‚, गंदगी नाक में जाती है, तो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¤‚तà¥à¤° तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाता है। इसकी वजह से नाक में जलन होती है। à¤à¤¸à¥‡ में नाक धूल के कणों को हटाने के लिठखà¥à¤¦ को तैयार करने लगती है, इसकी वजह से छींक आने लगती है। छींक आना थोड़ी देर बाद अपने आप बंद हो जाती है, लेकिन अगर à¤à¤¸à¤¾ न हो तो चिंता की बात होती है। ठंडी हवा में सांस लेना, परागकण या किसी खà¥à¤¶à¤¬à¥‚दार पदारà¥à¤¥ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होना, नाक में चोट लगना, सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार, नाक के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡, नाक का मास बढ़ना या परà¥à¤¦à¤¾ तिरछा होना, वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण और सिगरेट का धà¥à¤†à¤‚ छींक आने के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होते हैं। जानें इनमें से कà¥à¤› कारणों को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से-Â
1. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस (Allergic Rhinitis)
बार-बार छींक आना à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस का कारण हो सकता है। यह धूल-मिटà¥à¤Ÿà¥€, जानवरों के बालों और फंगल बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हो सकता है। बार-बार छींक आने पर आपको संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग विशेषजà¥à¤ž से जरूर संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ नाक, खांसी, गले में खराश, लगातार सिरदरà¥à¤¦, आंखों के नीचे काले घेरे, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान, पितà¥à¤¤à¥€ और à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।Â
2. डà¥à¤°à¤¾à¤¯ नोज (Dry nose)
डà¥à¤°à¤¾à¤¯ नोज की समसà¥à¤¯à¤¾ (dry nose problem) à¤à¥€ बार-बार छींक का कारण बन सकता है। à¤à¤¯à¤° कंडीशनर में अधिक समय तक बैठने से डà¥à¤°à¤¾à¤¯ नोज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। दरअसल, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शरीर में शà¥à¤·à¥à¤•ता बढ़ जाती है जिससे बार-बार छींक आती है। नाक से खून निकलना, नाक जमना और जलन डà¥à¤°à¤¾à¤¯ नोज के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इसलिठअगर आपको बार-बार छींक आने के साथ ही ये लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दें, तो इसे इगà¥à¤¨à¥‹à¤° न करें।
3. साइनस (sinus)
साइनस की वजह से à¤à¥€ बार-बार छींक आ सकती है। दरअसल, साइनस के कारण नैजल लाइनिंग में परेशानी होती है, इससे मà¥à¤¯à¥‚कस या बलगम निकलता है। हलà¥à¤•ा सा दरà¥à¤¦ होता है और बार-बार छींक आती है। सांस से बदबू आना, खांसी, थकान, सिरदरà¥à¤¦, नाक बंद होना, नाक बहना और गले में खराश साइनस के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। अगर आपको बार-बार छींक आ रही है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर साइनस की जांच जरूर करवाà¤à¤‚।
4. वासोमोटर राइनाइटिस (Vasomotor Rhinitis)
बार-बार छींक आना वासोमोटर राइनाइटिस के कारण à¤à¥€ हो सकता है। वासोमोटर राइनाइटिस में नाक के अंदर की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन हो जाती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¥€ बार-बार छींक का कारण बनता है। ठंडे हवा के संपरà¥à¤• में आने बार आपको बार-बार छींक आ सकती है।
छींक रोकने के उपाय (tips to stop sneezing)
à¤à¤¾à¤ª लेना: छींक को रोकने के लिठआप à¤à¤¾à¤ª ले सकते हैं। गरà¥à¤® पानी से à¤à¤¾à¤ª लेने पर छींक रà¥à¤• जाती है। दरअसल, à¤à¤¾à¤ª लेने से नाक साफ हो जाती है। इससे सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम में à¤à¥€ आराम मिलता है।Â
शहद: सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम के कारण आने वाले छींक को रोकने में शहद मददगार होता है। शहद शरीर को वातावरण में मौजूद à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के अनà¥à¤•ूल बनाने में मदद करता है। आप छींक आने पर शहद का सेवन कर सकते हैं।
नाक दबाना: छींक आने पर नाक दबाना सबसे आसान उपायों में से à¤à¤• है। जैसे ही आपको छींक महसूस हो, तो अपने उंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ को दबा लें।
बार-बार आने वाले छींक को रोकने के लिठआप घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ से जूà¤à¤¨à¤¾ पड़े, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यह फà¥à¤²à¥‚ के वजह से à¤à¥€ हो सकता है। इसके अलावा बार-बार छींक आना à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ का कारण à¤à¥€ बन सकता है।
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